राजनांदगांव– इकोवीरा इंडिया फाउंडेशन के तत्वावधान में बीते शनिवार को डोंगरगढ़ स्थित डंगोरा डैम में एक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया,इस अभियान में डोंगरगढ़ फिजिकल एकेडमी की टीम,रिफ्रेश हब डोंगरगढ़ तथा इकोवीरा इंडिया टीम से कुल 42 स्वयंसेवको ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
शनिवार दोपहर 12 बजे सभी स्वयंसेवक डंगोरा डैम पहुँचे,जहाँ उन्हें पाँच-पाँच के समूहों में विभाजित कर स्वच्छता से संबंधित आवश्यक निर्देश दिए गए तथा कचरा एकत्रित करने के लिए बोरियाँ प्रदान की गईं। इसके बाद सभी समूहों ने डैम के विभिन्न हिस्सों में जाकर सफाई अभियान शुरू किया।अभियान के दौरान सभी स्वयंसेवकों ने मिलकर कुल 44 बोरियाँ प्लास्टिक एवं अन्य कचरा एकत्रित किया।

स्वच्छता अभियान को देखकर डैम में आए पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों ने स्वयंसेवकों की सराहना की तथा भविष्य में ऐसे अभियानों में सहयोग करने की इच्छा भी जताई। उल्लेखनीय है कि डंगोरा डैम में शनिवार-रविवार को दूर-दराज़ से बड़ी संख्या में लोग पिकनिक मनाने पहुँचते हैं,जिनमें युवा,परिवार एवं बच्चे शामिल रहते हैं। अत्यधिक भीड़ के कारण हर सप्ताह बड़ी मात्रा में प्लास्टिक कचरा डैम क्षेत्र में जमा हो जाता है। घने जंगलों के बीच स्थित इस डैम में जंगली जानवर भी पानी पीने आते हैं,ऐसे में गंदगी से जल स्रोत प्रभावित हो रहा है।
इकोवीरा इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक प्रमेश विजयवार ने बताया कि डंगोरा मैकल व्यू पॉइंट के प्रसिद्ध होने के बाद यहाँ पर्यटकों की संख्या तेज़ी से बढ़ी है,लेकिन डैम क्षेत्र में कचरा प्रबंधन हेतु डस्टबिन की व्यवस्था नहीं है। साथ ही परिवारों के लिए वॉशरूम की सुविधा का भी अभाव है। डैम परिसर में स्थित पुराना रेस्ट हाउस जर्जर अवस्था में पड़ा है, जिसे मरम्मत कर उसमें शौचालय की व्यवस्था की जाए तो गंदगी पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।इसके लिए शासन-प्रशासन का ध्यान आवश्यक है।
स्वच्छता अभियान के दौरान यह भी सामने आया कि डैम क्षेत्र में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा शराबखोरी,तेज़ संगीत एवं अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है,जिससे खासकर महिलाओं और परिवारों को परेशानी होती है। स्थानीय ग्रामीणों एवं महिलाओं ने ऐसे तत्वों पर रोक लगाने की मांग की। ग्राम घोटिया के सरपंच संजय उइके तथा ग्राम ढारा के युवाओं ने भी अभियान में भाग लेते हुए असामाजिक गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता बताई।
डोंगरगढ़ फिजिकल एकेडमी के संचालक चंदन लरोकार द्वारा अपने छात्रों को स्वयंसेवक के रूप में शामिल करना सराहनीय रहा। उल्लेखनीय है कि वे छात्रों को निःशुल्क शारीरिक प्रशिक्षण के साथ-साथ पढ़ाई कराकर डिफेन्स की तैयारी भी कराते हैं।
इस स्वच्छता अभियान में स्वयंसेवक के रूप में रितु, मनीषा, एकता, चमेली, नंदनी, रुकमणि, पायल, तनीषा, भाविका, कल्पना, हेमा, यूंती, दिनेश्वरी, गंगा, रागिनी, राधिका, काजल, भुनेश्वरी, कीर्ति, सीमा, मेघा, खिलावन, रुमेश, वीरेन्द, राहुल, हिमांशु, पोमित, लोकनाथ, इंद्र कुमार, तामेश्वर, टाकेश, आदित्य, चंदू, किशोर, संतु, अभिनव, पुरुषोत्तम, छवि और लकी व देव ने सक्रिय सहभागिता निभाई।इकोवीरा इंडिया फाउंडेशन द्वारा चलाया गया यह स्वच्छता अभियान पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल रही।




